
नई दिल्ली । दिल्ली के राजनीतिक इतिहास में 2025 का विधानसभा चुनाव एक बड़ा मोड़ साबित हुआ। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने 48 सीटें जीतकर लगभग तीन दशकों के बाद राजधानी की सत्ता पर कब्जा कर लिया। यह जीत न केवल बीजेपी के लिए ऐतिहासिक है बल्कि आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस के लिए आत्मनिरीक्षण का बड़ा मौका भी है।
आम आदमी पार्टी, जो 2015 और 2020 में शानदार जीत के साथ सत्ता में आई थी, इस बार जनता का भरोसा कायम रखने में नाकाम रही। अरविंद केजरीवाल सरकार पर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही के आरोपों ने पार्टी की “ईमानदार राजनीति” की छवि को गहरी चोट पहुंचाई। मध्यम वर्ग, जो आप का मुख्य समर्थक था, इस बार उससे दूर नजर आया। वहीं, युवा मतदाताओं में भी पार्टी के प्रति उत्साह कम हुआ। वायु प्रदूषण, ट्रैफिक जाम और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दों पर आप सरकार का प्रदर्शन सवालों के घेरे में रहा। बीजेपी के आक्रामक प्रचार और स्थानीय मुद्दों पर केंद्रित अभियान के सामने आप की रणनीति कमजोर साबित हुई। कांग्रेस, जो कभी दिल्ली की राजनीति का सबसे बड़ा चेहरा थी, लगातार तीसरे चुनाव में शून्य पर सिमट गई। स्थानीय स्तर पर नेतृत्व की कमी और संगठनात्मक ढांचे की कमजोरियां कांग्रेस को उबरने नहीं दे रही हैं। कांग्रेस का मतदाता आधार अब पुरानी पीढ़ी तक सीमित होता जा रहा है।
बीजेपी ने आप और कांग्रेस की कमजोरियों का पूरा फायदा उठाया। बीजेपी ने प्रदूषण, सुरक्षा, और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस कर जनता का भरोसा जीता। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हुए युवाओं और पहली बार वोट डालने वालों को प्रभावित किया। बीजेपी ने झुग्गी झोपड़ी से लेकर मध्यम वर्ग तक, हर वर्ग के मुद्दों पर काम करते हुए अपने वोट बैंक का विस्तार किया। इस चुनाव ने स्पष्ट किया कि जनता केवल वादों से नहीं, बल्कि ठोस काम से प्रभावित होती है। आप और कांग्रेस दोनों को आत्मचिंतन करना होगा और अपने संगठन को मजबूत करना होगा। वहीं, बीजेपी के सामने चुनौती होगी कि वह अपने वादों पर खरा उतर सके।
दिल्ली का यह चुनाव भारतीय राजनीति के लिए एक संदेश है कि लोकतंत्र में जनता ही अंतिम निर्णायक होती है। आप और कांग्रेस की हार ने यह दिखा दिया कि कमजोर प्रशासन और खराब रणनीति का परिणाम कितना घातक हो सकता है। वहीं, बीजेपी की जीत ने यह साबित किया कि जब जनता के मुद्दों को केंद्र में रखा जाए, तो सफलता सुनिश्चित है।
नीचे 70 विधानसभा क्षेत्रों के विजेताओं की सूची प्रस्तुत है:
क्रम संख्या | विधानसभा क्षेत्र | विजेता उम्मीदवार | पार्टी |
---|---|---|---|
1 | नरेला | राज करण खत्री | भाजपा |
2 | बुराड़ी | संजीव झा | आप |
3 | तिमारपुर | सूर्य प्रकाश खत्री | भाजपा |
4 | आदर्श नगर | राज कुमार भाटिया | भाजपा |
5 | बादली | दीपक चौधरी | भाजपा |
6 | रिठाला | कुलवंत राणा | भाजपा |
7 | बवाना | रविंदर इंद्राज सिंह | भाजपा |
8 | मुंडका | धर्मपाल लाकड़ा | भाजपा |
9 | किराड़ी | अनिल झा | भाजपा |
10 | सुल्तानपुर माजरा | रामचंद्र चावला | भाजपा |
11 | नांगलोई जाट | मनोज कुमार | आप |
12 | मंगोलपुरी | राखी बिड़लान | आप |
13 | रोहिणी | विजेंद्र गुप्ता | भाजपा |
14 | शालीमार बाग | रेखा गुप्ता | भाजपा |
15 | त्रिनगर | हरीश खन्ना | भाजपा |
16 | वज़ीरपुर | राजेश गुप्ता | भाजपा |
17 | मॉडल टाउन | कपिल मिश्रा | भाजपा |
18 | सदर बाजार | जय प्रकाश | भाजपा |
19 | चांदनी चौक | अलका लांबा | भाजपा |
20 | मटिया महल | शोएब इकबाल | आप |
21 | बल्लीमारान | इमरान हुसैन | आप |
22 | करोल बाग | योगानंद शास्त्री | भाजपा |
23 | पटेल नगर | राज कुमार आनंद | भाजपा |
24 | मोती नगर | शिव चरण गोयल | भाजपा |
25 | मदनपुर खादर | सोमनाथ भारती | आप |
26 | कस्तूरबा नगर | रविंद्र चौधरी | भाजपा |
27 | मालवीय नगर | सोमनाथ भारती | आप |
28 | आर.के. पुरम | प्रमिला टोकस | भाजपा |
29 | ग्रेटर कैलाश | सौरभ भारद्वाज | आप |
30 | कालकाजी | आतिशी मार्लेना | आप |
31 | तुगलकाबाद | साही राम पहलवान | आप |
32 | बदरपुर | रामवीर सिंह बिधूड़ी | भाजपा |
33 | ओखला | अमानतुल्लाह खान | आप |
34 | त्रिलोकपुरी | रोहित कुमार मेहता | भाजपा |
35 | कोंडली | कुलदीप कुमार | आप |
36 | पटपड़गंज | रविंदर सिंह नेगी | भाजपा |
37 | लक्ष्मी नगर | अभय वर्मा | भाजपा |
38 | विश्वास नगर | ओम प्रकाश शर्मा | भाजपा |
39 | कृष्णा नगर | डॉ. अनिल गोयल | भाजपा |
40 | गांधी नगर | अरविंदर सिंह लवली | कांग्रेस |
41 | शाहदरा | संजय गोयल | भाजपा |
42 | सीमापुरी | वीर सिंह धिंगान | कांग्रेस |
43 | रोहतास नगर | जितेंद्र महाजन | भाजपा |
44 | सीलमपुर | चौधरी जुबैर अहमद | कांग्रेस |
45 | घोंडा | अजय महावर | भाजपा |
46 | बाबरपुर | गोपाल राय | आप |
47 | गोकलपुर | सुरेंद्र कुमार | कांग्रेस |
48 | मुस्तफाबाद | मोहन सिंह बिष्ट | भाजपा |
49 | करावल नगर | कपिल मिश्रा | भाजपा |
50 | नजफगढ़ | कैलाश गहलोत | आप |
51 | मटियाला | गुलाब सिंह | आप |
52 | उत्तम नगर | नरेश बाल्यान | आप |
53 | द्वारका | प्रद्युम्न राजपूत | भाजपा |
54 | पालम | भावना गौड़ | भाजपा |
55 | राज नगर | राजेश गहलोत | भाजपा |
56 | जनकपुरी | अशोक गोयल | भाजपा |
57 | हरिनगर | तेजिंदर पाल बग्गा | भाजपा |
58 | तिलक नगर | राजीव बब्बर | भाजपा |
59 | विकासपुरी | महिंदर यादव | आप |
60 | जनकपुरी | अशोक गोयल | भाजपा |
61 | मादीपुर | गिरीश सोनी | आप |
62 | राजौरी गार्डन | मनजिंदर सिंह सिरसा | भाजपा |
63 | हरिनगर | तेजिंदर पाल बग्गा | भाजपा |
64 | तिलक नगर | राजीव बब्बर | भाजपा |
65 | नांगलोई जाट | मनोज कुमार | आप |
66 | मादीपुर | गिरीश सोनी | आप |
क्रम संख्या | विधानसभा क्षेत्र | विजेता उम्मीदवार | पार्टी |
---|---|---|---|
67 | रोहिणी | विजेंद्र गुप्ता | भाजपा |
68 | मंगोलपुरी | राखी बिड़लान | आप |
69 | नांगलोई जाट | मनोज कुमार | आप |
70 | सुल्तानपुर माजरा | सुरेंद्र कुमार | आप |