
देहरादून। हल्द्वानी में ई-रिक्शा चालकों और मालिकों के सत्यापन की प्रक्रिया में गंभीर चुनौतियाँ सामने आ रही हैं। शहर में लगभग 4,500 ई-रिक्शा संचालित हैं, लेकिन सत्यापन के लिए निर्धारित समय सीमा के बावजूद, अधिकांश चालकों ने अब तक सत्यापन नहीं कराया है। परिवहन विभाग ने 14 नवंबर 2024 से सत्यापन अभियान शुरू किया था, जिसमें पहले चरण में 1,000 ई-रिक्शा के सत्यापन की योजना थी। हालांकि, निर्धारित समय में केवल 265 ई-रिक्शा का ही सत्यापन हो सका।
सत्यापन की धीमी गति को देखते हुए, विभाग ने समय सीमा बढ़ाकर 1 दिसंबर 2024 तक कर दी। इसके बावजूद, 2,098 पंजीकृत ई-रिक्शा में से केवल 683 का ही सत्यापन हो पाया।
सत्यापन प्रक्रिया में देरी के कारण, विभाग ने 15 से 18 जनवरी 2025 तक एक और अभियान चलाया, जिसमें प्रतिदिन 200 ई-रिक्शा और ऑटो चालकों का सत्यापन किया गया। इसके बाद भी, कई चालकों ने सत्यापन नहीं कराया, जिसके परिणामस्वरूप विभाग ने 13 ई-रिक्शा और 7 ऑटो को सीज कर दिया।
इन चुनौतियों के बावजूद, विभाग ने 15 से 18 जनवरी 2025 तक एक और सत्यापन अभियान चलाया, जिसमें प्रतिदिन 200 वाहन चालकों का सत्यापन किया गया।
सत्यापन न कराने वाले ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। सत्यापन के दौरान, वाहन मालिक और चालक को दो-दो आईडी और दो पासपोर्ट साइज फोटो लाना अनिवार्य है।
सत्यापन प्रक्रिया में आ रही इन बाधाओं के कारण, शहर में बिना सत्यापन के ई-रिक्शा संचालन एक गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।